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पर नहीं, सालों से खड़ा हूं पसंद करे सब इसलिए लिखता हूं नज़रिया जान ले लिखता क्या हूं प्रकृति मैं हीं संकटहरण कर्ता हूं दुनिया दिखती जो वो लिखता हूं मेरे महबूब ना उदास हूं निसर्गप्रेम मैं रूसवा किस्मत का खेल दुर्भावनाएं ना खुश हूं बरगद पेड़ मैं आग हूं कभी ना कभी लागू ही ना खाली हूं सरेआम धर्ता हथेली पर सरसों

Hindi मैं सीधा दिखता हूं पर हूं नहीं Quotes